हजारीबाग, मई 4 -- हजारीबाग, हमारे प्रतिनधि। पुलिस के अनुसार इस गिरोह का सरगना मो. अफजल है। वह पहले धनबाद में कोयले के कारोबार से जुड़ा था। वर्ष 2008 में कारोबारी विवाद में कोलकाता के एक व्यवसायी की हत्या के मामले में जेल गया था। जेल में उसकी मुलाकात कई कुख्यात अपराधियों से हुई। जेल से बाहर आने के बाद इन लोगों ने मिलकर बैंक डकैती का गिरोह बनाया। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह लूटे गए सोने को बेचकर रियल एस्टेट में निवेश करता था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अपराधी 17 अप्रैल को ही डकैती करने बरही पहुंचे थे। उस दिन सात अपराधी अलग-अलग रास्तों और वाहनों से आए थे। लेकिन इलाके में पुलिस गश्ती और वाहन जांच अधिक होने के कारण उन्होंने वारदात टाल दी। हालांकि लौटने से पहले दो अपराधी बैंक के भीतर गए और दोबारा रेकी कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसक...