नई दिल्ली, अक्टूबर 27 -- सुप्रीम कोर्ट ने दवाओं की कीमतों में भारी अंतर को लेकर मंगलवार को केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने सवाल किया कि जब दवाएं खुदरा विक्रेताओं को कम कीमत पर मिलती हैं, तो उनका अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) इतना ज्यादा क्यों रखा जाता है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि पूरा सिस्टम मरीजों के बजाय दवा कंपनियों के हितों को ध्यान में रखकर काम कर रहा है। पीठ ने दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण रखने वाली राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के कामकाज पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह संस्था पूरी तरह निष्क्रिय नजर आती है। यह भी पढ़ें- मॉनसून के बाद कैसे आ रहा चक्रवात, बंगाल की खाड़ी में क्या हुआ; जोरों पर तैयारी केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने दलील द...