भभुआ, फरवरी 5 -- यक्षमा, सांस, एलर्जी, निमोनिया, फेफड़ा कैंसर, क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, सिलिकोसिस जैसी बीमारियों के हो सकत हैं शिकार पौधों पर जम रही धूल से प्रकाश संश्लेषण, श्वसन और वाष्पोत्सर्जन प्रक्रियाएं बाधित एक्यूआई हो सकता है खराब, फसल के उत्पादन में 10-15% हो सकती है कमी 93 मौजा से गुजरेगी कोलकाता-वाराणसी एक्सप्रेस-वे 52 किमी. लंबी एक्सप्रेस-वे का कैमूर में होगा निर्माण 05 प्रखंडों में एक्सप्रेस-वे निर्माण कार्य चल रहा है इंट्रो डंपर के दबाव से उड़ रही धूल ग्रामीणों को बीमार बनाने लगी है। इससे न सिर्फ वायु गुणवत्ता सूचकांक, मृदा और जल की गुणवत्ता खराब हो सकती है, बल्कि सौर ऊर्जा संयंत्रों की क्षमता को कम होने की संभावना बढ़ सकती है। फसल उत्पादन में कमी आएगी। यह समस्या भभुआ, भगवानपुर, चांद, रामपुर और चैनपुर प्रखंड के उन ग्रामीण क्षेत्रों ...
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