धनबाद, मई 1 -- कोल सेक्टर अब ठेका मजदूरों पर निर्भर होता जा रहा है। लगातार विभागीय मैनपावर में कमी से कोयला उत्पादन सहित ट्रांसपोर्टिंग में ठेका मजदूरों एवं असंगठित मजदूरों की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं कोल कंपनियां विभागीय कर्मियों की संख्या कम कर रहीं हैं। कोल सेक्टर के राष्ट्रीयकरण के समय सात लाख से अधिक विभागीय कर्मी कार्यरत थे। वर्तमान में इनकी संख्या घटकर 2.14 लाख हो गई है। 01 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीएल 30962 और ईसीएल 45264 ही विभागीयकर्मी बचे हैं। विभागीय कर्मियों की कमी की भरपाई ठेका मजदूरों से हो रही हैं। कोल कंपनियां कोयला उत्पादन का काम ठेकेदारों (आउटसोर्सिंग) के हवाले करती जा रही हैं। वर्तमान में सिर्फ कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों में तीन लाख से अधिक ठेका मजदूरों के कार्यरत होने की बात कही जा रही है।...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.