मुजफ्फरपुर, अगस्त 7 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिले में साइबर ठगी के शिकार लोगों को इंसाफ मिलने की उम्मीद अब धुंधली पड़ती जा रही है। पिछले दो वर्षों में साइबर फ्रॉड के 300 से अधिक मामले दर्ज होने के बावजूद फाइलें लंबित पड़ी हैं। ठगी के तार दूसरे राज्य से जुड़ते ही साइबर पुलिस की जांच ठप पड़ जा रही है। यह भी पढ़ें- पहल : साइबर ठगी की होल्ड राशि पाना और फ्रीज खाता छुड़ाना आसानसाइबर ठगी की स्थिति पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार साइबर ठगी के ज्यादातर मामलों का कनेक्शन झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और यूपी से है। ठग फर्जी बैंक खाते, सिम और यूपीआई का इस्तेमाल कर पैसे निकाल लेते हैं। जब पीड़ित साइबर थाने में शिकायत करता है तो शुरुआती जांच में मोबाइल नंबर और बैंक खाते ट्रेस होते हैं, लेकिन पता चलता है कि सब कुछ राज्य से बाहर है। यहीं से फ...