बुलंदशहर, जनवरी 3 -- सर्दी और शीतलहर के झपट्टे के साथ ही हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। निजी और सरकारी अस्पतालों में रोज हार्ट अटैक के औसतन 10 और ब्रेन स्ट्रोक के 15 पीड़ित आ रहे हैं। जहां इलाज की व्यवस्था नहीं है। वहां से रेफर किया जा रहा है। सीएमएसडॉ प्रदीप राना बताया कि सर्दी में रक्त की नसें सिकुड़ जाती हैं। ऐसे में रक्त का प्रवाह धीमा या रुक सकता है। खून के थक्के भी बन सकते हैं। विशेषकर हायपरटेंशन (हाई बीपी) और डायबिटीज के मरीजों को 20 से 25 फीसदी खतरा बढ़ जाता है। कई बार शुगर और बीपी की दवाइयां सर्दियों में ठीक से काम नहीं करती हैं। लेकिन, मरीज इन्हें लगातार लेता रहता है। जबकि दवाइयों के काम न करने पर तत्काल डाक्टर से मिलकर खुराक या दवा को बदलवा लेना चाहिए। अगर गर्मियों में चल रही दवाइयां सर्दियों ...