आरा, दिसम्बर 30 -- इंट्रो : बर्फीली हवाएं, घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने बीते कई दिनों से भोजपुर को अपनी गिरफ्त में ले रखा है। सुबह की शुरुआत ही ठिठुरन के साथ होती है और शाम ढलते-ढलते सर्दी का प्रकोप और बढ़ जाता है। सड़कों पर पहले जैसी चहल-पहल नहीं है। बाजारों की रौनक फीकी पड़ गई है। आम जन जीवन सुस्त हो गया है। इस शीतलहर का सबसे गहरा और दर्दनाक असर उन लोगों पर पड़ा है, जिनकी मेहनत से शहर की नींव टिकी है। दिहाड़ी मजदूरों के घरों में चूल्हे की लौ मद्धिम पड़ चुकी है। काम नहीं है और मजदूरी ठप हो गई है। निर्माण कार्य, ढुलाई, मरम्मत और अन्य छोटे-मोटे काम लगभग बंद हो चुके हैं। रोज कमाने और उसी से पेट पालने वाले मजदूरों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। आपके अपने प्रिय अखबार हिन्दुस्तान की ओर से पांच रिपोर्टरों ने पांच जगहों की पड़ता...
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