नवादा, जनवरी 7 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। सुबह के आठ बज रहे हैं, लेकिन शहर के प्रजातंत्र चौक पर मजदूरों के हुजूम के बावजूद निराशा वाला माहौल है। आम दिनों में यहां सैकड़ों मजदूरों का मजमा लगा रहता था, जहां राजमिस्त्री और लेबर काम की तलाश में जुटते थे तो एक अलग ही हलचल रहती थी। आज यहां गिनती के 10-12 लोगों को काम मिल सका है और शेष काम मिलने की प्रतीक्षा में खड़े हैं, जिनके चेहरे पर ठंड की ठिठुरन से ज्यादा काम न मिलने की चिंता की लकीरें गहरी हैं। नवादा जिले में इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का सितम जारी है। जहां आम लोग अपने घरों में रजाई के भीतर दुबके हैं, वहीं दिहाड़ी मजदूरी कर पेट पालने वालों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। कंकपाती ठंड ने न केवल उनके शरीर को जकड़ लिया है, बल्कि उनके हाथों से काम भी छीन लिया है। नवादा जिले...
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