अलीगढ़, अक्टूबर 31 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। दीपावली के बाद जैसे ही तापमान में गिरावट शुरू हुई, अस्पतालों में हृदय और मस्तिष्क रोगियों की संख्या अचानक बढ़ गई। सर्दी के शुरुआती दौर में ही जेएन मेडिकल कॉलेज में रोजाना 9 से 10 स्ट्रोक मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या चार से पांच रहती थी। चिकित्सक मान रहे हैं कि ठंड में खून के गाढ़ा होने और नसों के सिकुड़ने से यह खतरा बढ़ जाता है। सर्दी के आगमन के साथ ही दिल, दिमाग और सांस से जुड़ी बीमारियों ने फिर से सिर उठाना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जैसे-जैसे तापमान गिरता है, शरीर की रक्त नलिकाएं सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। गाढ़ा हुआ खून दिल की धड़कन और रक्त प्रवाह को प्रभावित करता है, जिससे हार्ट अटैक या ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता ह...