नई दिल्ली, जनवरी 11 -- उत्तर भारत में ठंड बढ़ते ही बंद कमरे में हीटर और अंगीठी की वजह से मौतों की खबरें भी आने लगती हैं। पंजाब के तरनतारन में बंद कमरे में अंगीठी रखकर सोए दंपती और उनके एक महीने के बच्चें की मौत हो गई। गांवों में लोग अकसर अंगीठी का इस्तेमाल करते हैं और कई बार इसे चारपाई के नीचे रख लेते है। अगर कमरा बंद होता है तो अंगीठी से निकलने वाला धुआं साइलेंट किलर बन जाता है। हीटर और ब्लोअर भी कम खतरनाक नहीं है। कई बार सोते हुए ही लोगों की मौत हो जाती है और वे छटपटाते नहीं हैं। कार्बन मोनोऑक्साइड साइलेंट किलर का काम करती है। यह गैस नाक के रास्ते खून तक पहुंच जाती है और फिर चुपचाप मार देती है। हाल ही में दिल्ली के मुकुंदपुर इलाके में डीएमआरसी में काम करने वाले इंजीनियर उनकी पत्नी और 10 साल की बेटी जान्हवी की मौत हो गई। रिपोर्ट में बताय...
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