लखनऊ, अप्रैल 30 -- रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी से केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज प्रभावित है। वहीं, बड़ी तादाद में नॉन पीजी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने नौकरी ज्वाइन तक नहीं किया है। ट्रॉमा प्रशासन ने नॉन पीजी जेआर की पूरी लिस्ट प्रशासन को भेजी है। ट्रॉमा सेंटर में 400 बेड हैं। प्रतिदिन 200 से 250 मरीज कैजुअल्टी में इलाज के लिए आते हैं। इसमें 80 से 90 मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। ट्रॉमा में मरीजों के इलाज के लिए 45 नॉन पीजी जेआर के पद हैं। मार्च माह में इंटरव्यू के जरिये 45 डॉक्टरों का चयन हुआ था। इनका वेतन करीब एक लाख रुपये से अधिक है। यह भी पढ़ें- ट्रॉमा में जल्द होगी रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती इसमें 23 डॉक्टरों ने नौकरी ज्वॉइन तक नहीं की। 17 डॉक्टर गैर हाजिर चल रहे हैं। तीन डॉक्टर लंबे समय से अवकाश पर हैं। नतीजतन मरीजों के इलाज में अड़चन आ र...