लखनऊ, जून 27 -- केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को बेहतर जांच सुविधा देने की योजना तीन साल बाद भी अधूरी है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रॉमा सेंटर में दूसरी सीटी स्कैन मशीन लगाने का फैसला किया गया था, लेकिन अभी तक मशीन नहीं लग सकी है। ऐसे में प्रतिदिन 150 से अधिक मरीजों का सीटी स्कैन एक ही पुरानी मशीन के भरोसे हो रहा है। ट्रॉमा सेंटर में करीब 400 बेड हैं। प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज इमरजेंसी में आ रहे हैं। प्रदेश भर से सिर में चोट लगे मरीज भी आ रहे हैं। सिर में चोट लगे गंभीर मरीजों में समय पर सीटी स्कैन जांच बेहद अहम होती है। सिर की चोट, सड़क हादसे, ब्रेन स्ट्रोक समेत अन्य गंभीर मामलों में रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर इलाज की दिशा तय करते हैं। लेकिन पुरानी मशीन में आए दिन खराबी आने से मरीजों और तीमारदारों को जांच के लिए इंतजार करना ...