बांदा, अप्रैल 6 -- बांदा। ट्रामा सेंटर को जिला अस्पताल की इमरजेंसी संचालित की जा रही है। तीन ईएमओ के भरोसे इमरजेंसी चल रही है। डॉक्टरो के न होने से गंभीर मरीजो को कानपुर रेफर कर दिया जाता है। अगर डॉक्टर उपलब्ध हो जाए तो मरीजो को कानपुर के चक्कर न लगाने पड़े। कई बार मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। जिला अस्पताल का ट्रामा सेंटर कई वर्ष से आधा अधूरा संचालित है। डॉक्टरो के अभाव में में ट्रामा सेंटर रेफर सेंटर बन कर रह गया है। ट्रामा सेंटर में आपरेशन थियेटर बना हुआ है। डॉक्टरो के न होने से उपकर कमरे में बंद है। जिला अस्पताल में इमरजेसी ने होने से ट्रामा सेंटर में इमरजेंजी संचालित की जा रही है। प्रति दिन एक सैकड़ा से अधिक मरीज भर्ती होते है। हादसे में घायल लोगो प्राथमिक उपचार किया जाता है। इसके बाद उन्हे कानपुर के लिए रेफर कर दिया जाता है। ट...