गुमला, जून 28 -- पालकोट। प्रखंड में ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर उसे बदलवाने की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय व्यवस्था होने के बावजूद ट्रांसफॉर्मर लाने-ले जाने का पूरा खर्च उन्हें ही चंदा कर उठाना पड़ता है। जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर खराब होते ही कई दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। जल्द बिजली बहाल कराने के लिए गांव में चंदा कर निजी वाहन किराये पर लिया जाता है। इसी राशि से गुमला स्थित टीआरडब्ल्यू तक खराब ट्रांसफॉर्मर पहुंचाने, नया ट्रांसफॉर्मर लाने तथा लोडिंग-अनलोडिंग का खर्च वहन किया जाता है। कई गांवों में प्रति परिवार 100 से 1500 रुपये तक चंदा लिया जाता है।लोगों का कहना है कि नियमित बिजली बिल देने के बावज...