लखनऊ, जुलाई 7 -- राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। उनके विरुद्ध भी आपराधिक मामला बनता है। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका को लेकर कहा कि मामले में उन्हें सर्च और सीजर का अधिकार किसने दिया था। उन्होंने आरोपितों के ठिकानों पर तलाशी में चोरी की रकम बरामद होने के बाद उसकी एफआईआर क्यों नहीं कराई थी। ट्रस्ट के पदाधिकारियों की मंदिर में चढ़ावे की रकम की गणना और रोज के क्लोजर पर नजर रखने की पूरी जिम्मेदारी थी। यह भी पढ़ें- राम मंदिर: 75 बार दान चोरी, CCTV फुटेज डिलीट, मैनेजमेंट में लापरवाही, SIT की रिपोर्ट म...