नई दिल्ली, मई 31 -- 'हॉर्न, ओके, प्लीज' ट्रक के पीछे लिखा हुआ यह सेंटेंस आपने भी अक्सर पढ़ा होगा। देश के किसी भी हिस्से में चले जाइए, खूबसूरत बनावट और चमकीले रंग-रोगन के साथ, भड़कीले अक्षरों में यही लिखा मिलता है। यह भारत के रोड कल्चर का एक हिस्सा बन चुका है। आज से नहीं, काफी समय पहले से ही यह देखने को मिल रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे की कहानी क्या है? आखिर देशभर के सभी ट्रक ड्राइवर, यही सेंटेंस क्यों लिखवाते हैं। आइए समझते हैं... आर्मी से जुड़ी कहानीइसके बारे में जो सबसे प्रचलित थियरी है वह यह है कि 'हॉर्न, ओके, प्लीज' का संबंध दूसरे विश्वयुद्ध से है। बताया जाता है कि उस वक्त बहुत सारे ट्रक केरोसिन से चलते थे। यह बहुत तेजी से आग पकड़ता था और सड़क पर चलते वक्त बहुत सावधानी की जरूरत होती थी। बताते हैं कि तब सेना के वाहन...