नई दिल्ली, जून 3 -- विवेक काटजू, पूर्व राजनयिक ईरान युद्ध तीन माह से अधिक समय से चल रहा है। हालांकि, 8 अप्रैल से संघर्ष-विराम लागू है, लेकिन इससे उन वैश्विक मुश्किलों का अंत नहीं हो सका है, जो इस जंग के कारण पैदा हुई हैं। इसकी वजह, जो अब सभी जानते हैं, होर्मुज जलमार्ग का बंद होना है, जिससे वैश्विक ऊर्जा व्यापार प्रभावित हुआ है और विश्व अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। युद्ध-विराम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत भी जारी है। कई बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच समझौता होने ही वाला है, लेकिन अभी तक इसमें सफलता नहीं मिल सकी है। नतीजतन, जहां ईरान ने होर्मुज जलमार्ग बंद कर रखा है, वहीं अमेरिका की ओमान की खाड़ी में नाकेबंदी जारी है, जिस कारण ईरान भी अब ऊर्जा का निर्यात नहीं कर पा रहा है। 2 जून को अम...