नई दिल्ली।, अगस्त 30 -- बीते कुछ वर्षों से वैश्विक राजनीति में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसे देखते हुए भारत ने अपनी विदेश नीति को एक नई दिशा देना शुरू कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ में की गई भारी बढ़ोतरी और उससे उत्पन्न संकट का मुकाबला करने के लिए भारत अब किसी एक शक्ति पर निर्भर रहने के बजाय दुनिया भर में अपने पार्टनरों का दायरा बढ़ा रहा है। बीते एक वर्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दर्जनों देशों का दौरा किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और वैश्विक झटकों से बचाना है। इसकी तारीफ अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी की है। विदेश मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब बहुपक्षीय सम्मेलनों के पारंपरिक ढांचे से निकलकर प्लूरिलेटरल (Plurilateral) कूटनीति की ओर बढ़ रहा...