गुड़गांव, दिसम्बर 18 -- गुरुग्राम, प्रमुख संवाददाता। गुरुग्राम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए टोल प्रबंधक को आदेश दिया है कि वे एक वाहन चालक को हुई मानसिक परेशानी के लिए 15 हजार रुपये का मुआवजा प्रदान करें। साथ ही, वसूला गया टोल और कानूनी खर्च भी वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। सेक्टर-15 निवासी कुणाल ने आयोग में दायर याचिका में बताया कि 27 जुलाई 2025 को शाम साढ़े छह बजे वे घामड़ोज टोल पहुंचे थे। उनकी गाड़ी पर लगा फास्टैग पूरी तरह वैध था और उसमें पर्याप्त बैलेंस भी था, लेकिन टोल प्लाजा का स्कैनर खराब होने के कारण उनका फास्टैग स्कैन नहीं हो पाया। इस तकनीकी खराबी की वजह से उन्हें वहां करीब 10 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। हद तो तब हो गई जब टोल कर्मियों ने समय खराब करने के बावजूद उनसे 130 रुपये टोल भी वसूल लिए। 10 से...