बगहा, अप्रैल 12 -- बगहा। टोंगिया प्लांटेशन के तहत दशकों पहले किसानों को आवंटित की गई भूमि को लेकर वन विभाग और किसान आमने-सामने है। वन विभाग द्वारा उक्त भूमि को अपनी बताकर खाली कराने के प्रयास किया जा रहा है। जिससे नौरंगिया दरदरी व बेलहवा मदनपुर के करीब 300 किसान परिवारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसान योगेंद्र मुसहर, दिलीप राणा, उषा देवी आदि का कहना है कि 1940 के दशक में अंग्रेजी शासन के दौरान वन विभाग ने खाली पड़ी जमीन पर प्लांटेशन का कार्य शुरू कराया था। इस दौरान पौधों की देखरेख के लिए स्थानीय वनवासी एवं मजदूरों को खेती के लिए एक-एक एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई थी। इस व्यवस्था को "टोंगिया प्लांटेशन" नाम दिया गया था। बाद में वर्ष 1990-91 में बिहार सरकार द्वारा इस भूमि को मुक्त घोषित करते हुए वहां कार्यरत मजदूरों के बीच भूमि का आवंटित कर दिय...
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