फतेहपुर, अप्रैल 24 -- कड़ी मेहनत, सटीक रणनीति और खुद पर अटूट विश्वास ही वह मार्ग है, जो एक साधारण छात्र को मेधावी की श्रेणी में खड़ा करता है। हाईस्कूल की परीक्षा में जिले और प्रदेश का मान बढ़ाने वाले इन सितारों ने न केवल किताबों से दोस्ती की, बल्कि सफलता के लिए कई सुख-सुविधाओं का त्याग भी किया। आज के डिजिटल युग में जहां एकाग्रता भंग होना आम है, इन टॉपर्स ने अनुशासन को अपना ढाल बनाया। अपनी लगन से साबित कर दिया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। पेश हैं एक रिपोर्ट युद्ध को रोकने में भारत को पहल करना चाहिएसूबे में पांचवा स्थान हासिल करने वाले अभिषेक तिवारी का कहना है कि भारत को मध्य एशिया में जारी युद्ध को रोकने के लिए पहल करनी चाहिए। यह भी पढ़ें- अभिषेक बने धुरकी प्रखंड के टॉपर यदि युद्ध नहीं रुका तो भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर गं...