अररिया, फरवरी 2 -- अररिया, निज प्रतिनिधि आजाद भारत में पहली बार रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किये गये बजट पर शहर के बुद्धिजीवियों ने अलग-अलग राय दी है। किसी ने इस बजट को देश के हित में बताया तो किसी ने इसे लॉलीपॉप करार दिया। कुछ लोगों ने कहा कि बजट में गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलाओं के हितकारी बताया। कहा कि बजट में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा पर जोर दिया गया है। विकास योजनाओं को समाज के निचले तबके के लोगों तक पहुंचाने के लिए खर्च बढ़ाने पर जोर दिया गया है। डा. आकाश कुमार ने कहा कि टैक्स स्लैब में क्रांतिकारी बदलाव नहीं होने से नौकरी पेशा वाले लोगों के चेहरे पर थोड़ा उदासी है लेकिन समाज के अंतिम लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने जोर दिया गया है। बजट में कैंसर की 17 दवाओं के साथ-साथ दुर्लभ बीमारियो...