रांची, अप्रैल 17 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने डेयरी विकास निदेशालय द्वारा पनीर एवं खोवा निर्माण यूनिट की आपूर्ति से जुड़े टेंडर मामले में राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों के निर्णय को मनमाना, असंगत और नियमों के विपरीत करार देते हुए रद्द कर दिया है। अदालत ने 10 अक्तूबर 2025 को जारी उस ई-मेल आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके जरिए याचिकाकर्ता की बोली अस्वीकार की गई थी। साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि टेंडर की शर्तों के अनुरूप कुल कार्यादेश का 40 प्रतिशत हिस्सा याचिकाकर्ता को तत्काल दिया जाए, जबकि 60 प्रतिशत तक कार्यादेश एल-1 बोली दाता को दिया जा सकता है।चीफ यह भी पढ़ें- आदेश का पालन नहीं हुआ , तो वन सचिव को हाजिर होना होगा जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने जीएस एंटरप्राइजेज की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश द...