बक्सर, मई 27 -- बक्सर, हिन्दुस्तान संवाददाता। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 50 करोड़ तक की निविदाओं में राज्य के स्थानीय संवेदकों को प्राथमिकता देने का निर्णय कैबिनेट से लिया था। लेकिन दुखद है कि विभागीय अधिकारी इस निर्णय को निष्प्रभावी करने में लगे हैं। ये बातें स्थानीय सांसद सुधाकर सिंह ने एक प्रेस बयान जारी कर कही है। श्री सिंह ने कहा है कि पथ निर्माण विभाग द्वारा कई सड़कों और योजनाओं को जोड़कर 100-150 करोड़ तक की निविदाएं निकाली जा रही हैं, ताकि बिहार के स्थानीय संवेदक प्रतियोगिता से बाहर हो जाएं और इसका लाभ मुंबई एवं गुजरात की कंपनियों को मिले। यह भी पढ़ें- बिहारी संवेदकों को मिले निविदा में मौका : सुधाकर यदि किसी योजना की वास्तविक लागत 30-40 करोड़ है, तो 4-5 योजनाओं को जोड़कर उसकी राशि कृत्रिम रूप से बढ़ाना आखिर किसके हित में...