लखनऊ, मई 21 -- सात साल बाद शुरू हुआ था सर्वे बीच में ही अटक गया काम यह भी पढ़ें- जून में बनने लगेगा पशु जन्म नियंत्रण केंद्र लखनऊ। प्रमुख संवाददाता राजधानी में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और हमलों की घटनाओं के बीच नगर निगम ने इस वर्ष जनवरी में कुत्तों की गिनती का अभियान शुरू कराया था। वर्ष 2019 के बाद दोबारा यह सर्वे शुरू हुआ, जिससे शहर में कुत्तों की वास्तविक संख्या का पता लगाया जा सके। लेकिन फरवरी में सर्वे कर रही संस्था का टेंडर समाप्त होते ही पूरा अभियान बीच में रुक गया।रिपोर्ट न मिलने से योजनाओं पर असर नगर निगम सूत्रों के मुताबिक कुत्तों की गिनती का काम नसबंदी करने वाली संस्था ह्यूमन वर्ल्ड फॉर एनिमल को दिया गया था। संस्था ने कई क्षेत्रों में गिनती का काम पूरा भी कर लिया था, लेकिन टेंडर खत्म होने के कारण रिपोर्ट नगर निगम को नहीं सौ...