नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- टूथपेस्ट, शैंपू, साबुन और दूसरे कई प्रोडक्ट में कौन से सामान मिले होते हैं, इसको लेकर दुविधा रहती है क्योंकि इनमे मिली कुछ सामग्री जैसे जिलेटिन नॉन वेज होता है। लेकिन सामग्री के नाम लिखे होने से इनके वेज या नॉनवेज होने की जानकारी सामान्य लोगों को नहीं होती। ऐसे में सरकार का नया नियम सारी दुविधा को दूर कर देगा। अब से इन सारे सामान की पैकेजिंग के लिए कलर कोडिंग का इस्तेमाल करना जरूरी होगा।बदलने पड़ेंगे पैकेट अब नियमों में बदलाव की वजह से साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट और दूसरे कॉस्मेटिक्स और टॉयलेटरीज के सामानों की पैकिंग बदलनी होगी। चूंकि प्रोडक्ट पर सामग्री लिखे होने से इसके वेज-नॉनवेज का पता नहीं चलता इसलिए लाल और हरे बिंदु को पैकिंग में बिल्कुल ऊपर डिस्प्ले पैनल के ऊपर लगाना होगा। लाल निशान मतलब नॉनवेज और हरा बिंदु का न...