नई दिल्ली, दिसम्बर 15 -- कनॉट प्लेस (CP) की टूटी-फूटी दीवारों और उखड़ते पेंट के बीच, एक बिन बुलाए मेहमान ने चुपचाप अपनी जड़ें जमा ली हैं। दीवारों की दरारों में,छतों के किनारों पर और लंबे गलियारों में पीपल का पेड़ शहर के इस सबसे मशहूर बाजार के ढांचे के भीतर तक समा गया है। वैसे तो यह पेड़ पवित्र माना जाता है, लेकिन अगर इसे रोका न जाए तो यह बड़ी तेजी से फैलता है। अब यह दुकानदारों और एनडीएमसी (NDMC) के लिए एक मुसीबत बन गया है, जो इस ऐतिहासिक जगह को धीरे-धीरे अपने 'हरे घेरे' में ले रहा है। अगर आप सीपी (CP) में घूमेंगे, तो आपको इस समस्या की गंभीरता नजर आएगी। सिर्फ ए-ब्लॉक (A-block) में ही दर्जन भर से ज्यादा पेड़ इमारतों के ऊपर नजर आ रहे हैं। कुछ बाहरी दीवारों पर लटके हैं, तो कुछ पहली मंजिल के छज्जों पर जमे हुए हैं और उनकी जड़ें नीचे सड़क तक लटक...
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