वाराणसी, मार्च 8 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। विख्यात पखावज वादक पं. श्रीकांत मिश्र 'टुन महराज' की 75वीं जयंती पर उन्हें संगीतांजलि दी गई। ट्यून टू ध्रुपद ट्रस्ट की ओर से शनिवार शाम अस्सी घाट स्थित होटल में ध्रुपद गायन से देसी-विदेशी श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए। खास बात यह रही कि संचालन से गायन तक माइक और साउंड बॉक्स का उपयोग नहीं किया गया। संगीत रसिक ध्रुपद गायिकी के उतार-चढ़ाव में डूबते-उतराते रहे। करीब चार दशक तक 'टुन महराज' के साथ देश-विदेश में मंच साझा करने वाले पद्मश्री प्रो. ऋत्विक सान्याल ने परमप्रिय मित्र को रागों की माला अर्पित की। राग यमन में अलाप के दौरान छंद विस्तार का उन्होंने नायाब उदाहरण प्रस्तुत किया। डागर घराने की परंपरा का निर्वाह करते हुए प्रो. सान्याल ने झाला की लय का समावेश किया। राग दरबारी में पारंपरिक बंदिश सुनाने के ब...