नई दिल्ली, मई 16 -- महाराष्ट्र के नासिक की एक अदालत ने टीसीएस साइट की प्रमुख और 'पॉश' समिति की सदस्य अश्विनी चैनानी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि उन्होंने कथित यौन उत्पीड़न-धर्मांतरण मामले में पीड़िता की शिकायत को 'नजरअंदाज' किया और इस प्रकार अपराध में 'सहयोग' दिया। अदालत ने इस मामले में तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी और आसिफ अंसारी की जमानत याचिका खारिज कर दी। शनिवार को उपलब्ध अपने तर्कपूर्ण आदेश में, अतिरिक्त सेशन जज वी.वी. कथारे ने कहा कि चैनानी की चुप्पी और असंवेदनशीलता ने कार्यस्थल के जहरीले वातावरण को प्रभावी रूप से समर्थन दिया।चैनानी कंपनी की आंतरिक समिति की सदस्य थीं, जिसका गठन कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत किया गया था, जिसे आमतौर पर 'पॉश' (यौन उत्पीड़न रो...