नई दिल्ली, मई 2 -- नासिक की एक अदालत ने शनिवार को टीसीएस की नासिक इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से संबंधित मामले में आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। लोक अभियोजक अजय मिसर ने पत्रकारों से कहा कि यह एक गंभीर अपराध है। निदा खान मुख्य आरोपियों में से एक है, इसलिए उससे हिरासत में पूछताछ जरूरी है। अदालत ने आज निदा खान की जमानत याचिका खारिज कर दी। अंतिम आदेश जल्द ही अपलोड किया जाएगा। प्राथमिकी के अनुसार, खान ने कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह दी थी। निदा खान ने अपने गर्भवती होने का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत मांगी थी। पुलिस ने बताया था कि महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में उसकी तलाश जारी है।

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