गाज़ियाबाद, मई 22 -- गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। एक ही परिसर में मरीजों को इलाज के लिए दो-दो स्थानों पर पर्चा बनवाना पड़ रहा है। टीबी अस्पताल का पर्चा बनवाने के बाद गंभीर मरीज की सीटी स्कैन जांच, ओपीडी में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। जबकि एमडीआर मरीजों को बिना लाइन के ही उपचार दिया जाना चाहिए, अन्यथा संक्रमण का खतरा रहता है। जनपद के टीबी के आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल 25 हजार से ज्यादा मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें 750 से ज्यादा मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट (एमडीआर) के मरीज शामिल हैं। एमडीआर मरीजों से संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा रहता है। इसकी वजह से वन स्टॉप सेंटर की बिल्डिंग में चल रहे टीबी अस्पताल में एमडीआर मरीजों के इलाज के लिए अलग से चिकित्सक और काउंटर बना है। कुछ मरीजों को पेट या रीढ़ की हड्डी की टीबी की पहचान के लिए सीटी स्कैन कराने की सला...