देवघर, अक्टूबर 6 -- लगातार खांसी-बुखार को हल्के में न लें, समय पर जांच और पूरा इलाज ही टीबी से बचाव का कारगर उपाय है। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मंगलवार को बीआईटी मेसरा ऑफ-कैंपस, में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में भागीदारी इसमें करीब 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस मौके पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. संचयन ने छात्रों को टीबी के लक्षण, संक्रमण, बचाव और उपचार की जानकारी दी। पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने बताया कि टीबी मुख्यतः फेफड़ों को प्रभावित करने वाला संक्रामक रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से इसके जीवाणु हवा में फैल सकते हैं।

टीबी के लक्षण लगातार खांसी, बुखार, रात में पसीना, भूख कम लगना, वजन घटना, कमजोरी, सीने में दर्द और बलगम में खून आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। कहा कि कमजोर रोग प्रतिरोध...