धनबाद, अगस्त 7 -- एमटीसी सभागार में गुरुवार को सहिया, बीटीटी, एसटीएस, एसटीएलएस और टीबी हेल्थ विजिटर्स के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। इसका उद्देश्य समुदाय स्तर पर संभावित टीबी मरीजों की पहचान, समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित कर टीबी मुक्त भारत अभियान को और प्रभावी बनाना था। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा और जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ रेखा कुमारी ने किया। सिविल सर्जन ने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में सहिया, क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों और सामुदायिक स्वयंसेवकों की भूमिका अहम है। यदि संभावित टीबी मरीजों की समय पर पहचान कर जांच कराई जाए तो संक्रमण की शृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है। स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर दीपक ठक्कर ने प्रतिभागियों को टीबी के लक्षण, जांच प्रक्रिया, उपचार, स...