मेरठ, मार्च 13 -- जिले में 15 हजार टीबी मरीज इलाज करा रहे हैं। पिछले तीन माह से इनके खाते में पोषण राशि की किस्त नहीं पहुंची है। टीबी के मरीज का जब इलाज चलता है तो उसे एक हजार रुपये प्रति माह पोषण राशि खाते में दी जाती है, मगर अगस्त से करीब छह करोड़ की राशि टीबी मरीजों तक नहीं पहुंची है। ऐसे में भारत को टीबी मुक्त बनाने का सपना साकार होते दूर की बात लग रही है। मेडिकल कॉलेज में टीबी और चेस्ट विभाग के अध्यक्ष प्रो. डॉ. संतोष मित्तल ने बताया कि कुपोषण से टीबी का जोखिम बढ़ता है। टीबी से कमजोरी बढ़ती है, वजन घटता है। मरीज की तबीयत भी बिगड़ जाती है।ऐसे मिलती है प्रोत्साहन राशि3000 रुपये की यह प्रोत्साहन राशि दो बराबर किस्तों में दी जाएगी। तीन हजार रुपये का पहला लाभ इलाज के समय अग्रिम के रूप में दिया जाएगा। जबकि 3000 रुपए का दूसरा लाभ इलाज के 84 ...