धनबाद, सितम्बर 20 -- आईआईटी बीएचयू के डायरेक्टर प्रो. अमित पात्रा ने आईआईटी धनबाद में शनिवार को शिक्षकों के साथ रिसर्च कल्चर, फंडिंग और संस्थागत बदलाव पर चर्चा की। पेनमैन ऑडिटोरियम में शनिवार को पढ़ाने वाले संस्थान से रिसर्च इंस्टीट्यूशन बनने के सफर पर आयोजित गेस्ट लेक्चर में प्रो. पात्रा ने कहा कि किसी भी वर्ल्ड-क्लास संस्थान में फैकल्टी की मुख्य गतिविधियों में रिसर्च को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीचिंग जरूरी है, क्योंकि इसके जरिए नॉलेज अगली पीढ़ी तक पहुंचती है, लेकिन रिसर्च के जरिए नई नॉलेज और नए प्रोडक्ट तैयार होते हैं। टीचिंग और रिसर्च इंस्टीट्यूशन के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि टीचिंग संस्थान पहले से मौजूद नॉलेज और स्किल्स प्रदान करते हैं, जबकि रिसर्च इंस्टीट्यूशन मौजूदा नॉलेज पर सवाल उठाते हैं, प्रयोग करते हैं और नए सिद्...