नई दिल्ली, मई 19 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली। यह भी पढ़ें- सुप्रीम आदेश के बाद भी नहीं हुआ आवारा कुत्तों के लिये कोई इंतजाम सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसले में यह व्यवस्था दी है कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत लोगों के 'जीवन के अधिकार' में यह अधिकार भी शामिल है कि वे सार्वजनिक जगहों पर बिना किसी शारीरिक नुकसान और कुत्तों के काटने के लगातार डर के बिना आजादी से घूम सकें।' शीर्ष अदालत ने पिछले साल नवंबर में पारित अपने उस आदेश को वापस लेने से इनकार करते हुए यह फैसला दिया है, जिसमें स्कूलों, कॉलेज अस्पतालों, बस अड्डों, स्टैंडों, स्कूलों, रेलवे स्टेशनों जैसी सार्वजनिक जगहों से पकड़े गए आवारा कुत्तों को टीकाकरण या नसबंदी के बाद उसी स्थान पर वापस नहीं छोड़ा जाना चाहिए। यह भी पढ़ें- न्यायालय के आदेश के बाद भी नहीं बनी कोई ठोस योजनाजस्ट...