हाथरस, जुलाई 13 -- अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सोमवार को सांसद जन संवाद कार्यालय, हाथरस पर सांसद अनूप प्रधान को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों ने कहा है कि टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त कराने तथा इसके लिए आरटीई एक्ट में आवश्यक संशोधन करने की माँग की। जिलाध्यक्ष रविकांत मिश्र ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति के लिए बाद में निर्धारित पात्रता मानदण्डों को भूतलक्षी प्रभाव से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्याय, समानता एवं विधिक निश्चितता के सिद्धांतों के विपरीत है। इससे लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवारों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, जबकि ये शिक्षक वर्षों से शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे...