टीईटी देने को मजबूर प्रदेश के 14 हजार शिक्षक, सेवा बचाने की चिंता
देहरादून, सितम्बर 28 -- देहरादून। प्रदेश के विभिन्न केंद्रों पर 29 सितंबर को आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में उत्तराखंड में सेवारत करीब 14 हजार शिक्षक भी शामिल होंगे। शिक्षक संगठनों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के एक सितंबर 2025 के फैसले के बाद इन शिक्षकों की सेवा पर संकट खड़ा हो गया है। इनमें वे शिक्षक शामिल हैं, जिनकी नियुक्तियां आरटीई अधिनियम-2009 के प्रभावी होने से पहले हो चुकी थीं। शिक्षक संगठनों के अनुसार, फैसले के चलते वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को भी टीईटी की अनिवार्यता के दायरे में आना पड़ रहा है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए उम्र के इस पड़ाव पर परीक्षा देना व्यावहारिक नहीं है। इससे शिक्षकों में रोष है। प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल को 13 जून और चार जुलाई 2026 को विद्याल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.