कानपुर, जून 18 -- कानपुर वरिष्ठ संवाददाता राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने राष्ट्रव्यापी अभियान के चलते वर्ष 2011 से पूर्व तैनात परिषदीय शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता का विरोध किया। जीएनके इंटर कॉलेज से कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। हजारों शिक्षक टीईटी अनिवार्यता के विरोध में नारे लगा रहे थे। डीएम कार्यालय में इन शिक्षकों ने पहुंचकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को नामित ज्ञापन सौंपा। यह भी पढ़ें- टीईटी के विरोध में शिक्षकों का फूटा गुस्साविरोध की मुख्य मांगें वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ. शैलेंद्र द्विवेदी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से प्रदेश एवं देश के लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता, पीड़ा एवं असुरक्षा की भावना पैदा हो गई। शिक्षकों की स्पष्ट मांग है कि प्रदेश में टीईटी लागू होने की तिथि 27 जुलाई 2011 से पहले से न...