लखनऊ, जून 3 -- लखनऊ, कार्यालय संवाददाता अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ गुरुवार को टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ गुरुवार को आयोजित बैठक में आगामी आन्दोलनात्मक पहलुओं पर चर्चा करेगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर विधिक व प्रशासनिक मुद्दे पर वार्ता करेगा। महासंघ के प्रदेश महासचिव दिलीप चौहान का कहना है कि टीईटी की अनिवार्यता के आदेश से देश के करीब 25 लाख एवं प्रदेश के करीब 1.86 लाख शिक्षक परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक एवं सेवा सुरक्षा का संकट गहरा गया है। बैठक में शिक्षक, कर्मचारी एवं सामाजिक संगठनों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष में सहभागी बनने का आह्वान किया गया है। उन्होंने कहा कि अब समय केवल प्रतीक्षा का नहीं है। बल्कि संगठित एवं निर्णायक संघर्ष का है।

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