हिन्दुस्तान ब्यूरो, नवम्बर 23 -- बिहार कांग्रेस के नाराज नेताओं ने पार्टी अनुशासन समिति के नोटिस का जवाब दे दिया है। नोटिस का जवाब देते हुए इन नेताओं ने अनुशासन समिति के गठन पर ही सवाल उठाए हैं। अनुशासन समिति अध्यक्ष को नोटिस का सामूहिक जवाब देते हुए 27 नेताओं ने कहा है कि समिति का गठन संगठन महासचिव के द्वारा किया जाता है। प्रदेश स्तर पर अनुशासन समिति की नियुक्ति का न तो कोई प्रावधान है और न ही परंपरा। पार्टी संविधान के अनुच्छेद 19 में दो सप्ताह का समय कारण बताओ नोटिस के लिए दिया जाता है। किस मजबूरी में सिर्फ पांच दिन का ही समय दिया गया। इसके अलावा एआईसीसी सदस्य को कार्रवाई का नोटिस कैसे दिया गया। इसके साथ ही इन नेताओं ने कहा है कि बिहार कांग्रेस को बचाने के लिए हमलोग किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। इन नेताओं ने कहा है कि हमलोग किसी भी प...