गोरखपुर, मई 10 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। लंबी कवायद के बाद मांझी स्टेशन का नाम आखिरकार बदल ही गया। मात्र 2.5 किलोमीटर की दूरी पर मांझी नाम से दो स्टेशनों की वजह से एक से टिकट की बिक्री नहीं हो पा रही थी। यहां ट्रेन तो रुकती थी लेकिन यात्री टिकट लेकर सवार नहीं हो पा रहे थे। मजबूरन यात्रियों को पुराने मांझी स्टेशन जाकर ट्रेन पकड़ना पड़ता था। पिछले सप्ताह रेलवे ने एक स्टेशन का नाम बदलकर न्यू मांझी हाल्ट कर दिया है। इस मुद्दे को तीन साल पहले आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' ने सात अक्तूबर 2023 के अंक में 'दो मांझी ने रेलवे को मझधार में फंसाया' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर में बताया था कि छपरा के पास मांझी पूर्वोत्तर रेलवे का इकलौता ऐसा स्टेशन है, जहां ट्रेनें तो रुकती हैं लेकिन टिकट ही नहीं मिलता। इस स्टेशन का न तो कोड बना और न ही यह रेल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.