नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- सुप्रीम कोर्ट ने रेल दुर्घटना पीड़ितों के पक्ष में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते कहा कि दुर्घटना में मृत यात्री के पास या सामान से टिकट न मिलने पर भारतीय रेलवे मुआवजा देने से इनकार नहीं कर सकती। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से वर्षों से कानूनी और तकनीकी पेचीदगियों से जूझ रहे पीड़ित परिवारों को राहत मिली है। अदालत ने स्पष्ट किया कि हादसे के बाद यदि परिजन केवल एक हलफनामा देकर यह बता दें कि हादसे का शिकार वैध टिकट पर यात्रा कर रहा था और दुर्घटना में टिकट खो गया है, तो रेलवे को मुआवजा देना होगा। हलफनामे के बाद यात्री को बिना टिकट साबित करने की पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी। शीर्ष अदालत ने रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा-124-ए का हवाला देते हुए कहा कि मुआवजे का प्रावधान एक कल्याणकारी व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य पीड़ित परिव...