रांची, अक्टूबर 29 -- ट्रेन दुर्घटना में किसी यात्री की मौत होने पर उसके शव से रेलवे टिकट नहीं मिलने के आधार पर मुआवजे का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। झारखंड हाईकोर्ट ने एक मामले में रेलवे को मृतक के परिजनों को आठ लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि मुआवजे से जुड़े नियमों को उदारता से समझना चाहिए, ताकि दुर्घटना के शिकार परिवारों को न्याय मिल सके। केवल तकनीकी कारणों से किसी परिवार को मुआवजे से वंचित करना उचित नहीं है। इस मामले में जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने रेलवे दावा अधिकरण के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें टिकट नहीं मिलने के कारण मुआवजे का दावा खारिज कर दिया गया था। मामला बानमाली गोप की मौत से जुड़ा है। उनके परिजनों ने आठ लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी, लेकिन अधिकरण ने 12 सितंबर 2023 को दावा खारिज कर दिया...