लातेहार, मार्च 31 -- लातेहार प्रतिनिधि। लातेहार जिले के विभिन्न प्रखंडों के डार्क जोन क्षेत्रों में पेयजल संकट धीरे-धीरे गहराने लगा है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं भूमिगत जल स्तर मार्च के अंतिम सप्ताह तक 8 से 10 मीटर नीचे चला गया है। स्थिति यह है कि पिछले वर्ष औसत से अधिक वर्षा होने के बावजूद नहर, नदी, तालाब, डोभा, कुआं और चापाकल सूखने के कगार पर पहुंच गए हैं। जिले में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पीएचईडी विभाग, एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, सांसद एवं विधायक मद तथा 14वें व 15वें वित्त आयोग के तहत करोड़ों रुपये की लागत से हजारों चापाकल स्थापित किए गए हैं। इसके बावजूद वर्तमान में जल संकट गंभीर रूप लेता दिख रहा है। जिले में कुल लगभग 11 हजार चापाकल हैं, जिनमें से करीब 1060 चापाकल खराब या बंद ...