नई दिल्ली, मई 8 -- नई दिल्ली। टाटा ट्रस्ट की शुक्रवार को प्रस्तावित बोर्ड बैठक बिना कोई कारण बताये रद्द कर दी गई। बैठक में टाटा ट्रस्ट के प्रतिनिधियों को टाटा सन्स निदेशक मंडल में पुनः नामित करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी थी। यह बैठक बंबई उच्च न्यायालय के बैठक पर रोक लगाने से इनकार के बावजूद रद्द की गई। टाटा ट्रस्ट के पास टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा सन्स में 23.6 प्रतिशत हिस्सेदारी है जिसका आकार 180 अरब डॉलर से अधिक है। ट्रस्ट में फिलहाल छह न्यासी हैं जिनमें से तीन जिमी नवल टाटा, जहांगीर एचसी जहांगीर और नोएल नवल टाटा आजीवन न्यासी हैं। यह कुल निदेशक मंडल का 50 प्रतिशत बनता है जबकि कानूनी सीमा 25 प्रतिशत है।

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