जमशेदपुर, जून 28 -- टाटा स्टील कंपनी की स्थापना के साथ शुरू बादामपहाड़ मार्ग की लाइन डबल होने पर संशय है। दक्षिण पूर्व जोन सलाहकार समिति की बैठक में रेलवे ने यह स्पष्ट किया। अरुण जोशी द्वारा कोलकाता बैठक में डबल लाइन का मुद्दा उठाने पर रेलवे ने कहा कि टाटानगर-बादामपहाड़ मार्ग की क्षमता 58 प्रतिशत है। इससे डबल लाइन की जरूरत नहीं है। हालांकि, रेलवे ने पहले बादामपहाड़ डबल लाइन का सर्वे कराया था, क्योंकि 2019 में झारखंड की तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने भी यह प्रस्ताव दिया था। जबकि जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने 2017 से कई बार टाटानगर बादामपहाड़ डबल लाइन का मुद्दा लोकसभा में उठा चुके हैं। ओडिशा के यात्रियों का मानना है कि लाइन के डबल होने से मयूरभंज, क्योंझर व रायरंगपुर जिलों से ट्रेनों की संख्या बढ़ने से सहूलियत होगी। मालूम हो कि...