लखनऊ, अप्रैल 2 -- लखनऊ। विधि संवाददाता हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा है कि मात्र टाइपिंग की त्रुटि के आधार पर पेट्रोल पंप का आवंटन रद्द करना न केवल अनुचित है बल्कि विधि के भी विपरीत है। न्यायालय ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से इस संबंध में जारी आदेश को निरस्त कर दिया है।यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ व न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने राघवेंद्र अवस्थी की ओर से दाखिल याचिका को मंजूर करते हुए पारित किया है। याची को हरदोई जिले में पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए वर्ष 2020 में लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया था। याची ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर लीं और इस पर भारी धनराशि भी खर्च की। इसके बाद अचानक 2022 में कंपनी ने यह कहते हुए लेटर आफ इंटेंट रद्द कर दिया कि विज्ञापन में सड़क का प्रकार एमडीआर (मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड) की जगह ओडीआ...