चतरा, अप्रैल 25 -- टंडवा, निज प्रतिनिधि। मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण डीजल की आपूर्ति पर असर अब टंडवा में दिखने लगा है। औद्योगिक नगरी टंडवा में इसका व्यापक असर दिख रहा है। देखा जा रहा है कि कुछ पंपों के शटर गिर चुके हैं, तो कुछ पर भारी वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। मां तारा पंप के कर्मियों का कहना है कि दो दिन में एक टैंकर डीजल मिल रहा है। एक अनुमान के अनुसार, मगध और आम्रपाली में कोयला उत्पादन में हर रोज एक लाख लीटर डीजल की खपत है, जबकि कोयला और ऐश पौंड की ढुलाई समेत आम लोगों के आवागमन में 25 से 30 हजार लीटर डीजल की खपत होती है। बताया गया कि पिछले आठ दिनों से टंडवा प्रखंड के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर लोगों को डीजल नहीं मिल रहा है। जानकारों की मानें तो डीजल की किल्लत के कारण कुछ कारोबारी बरही से डीजल मंगाकर अपना काम चला रहे हैं। जानकारी...