बांका, अप्रैल 26 -- बांका, एक संवाददाता। बांका प्रखंड के डाढा पंचायत के लीलाबरन गांव में सरकार की नल-जल योजना जमीनी स्तर पर दम तोड़ती नजर आ रही है। गांव में दो-दो पानी टंकी बनने के बावजूद भी आधी आबादी आज तक शुद्ध पेयजल से वंचित है। गांव में यादव, पासवान और संथाल समुदाय के लोग निवास करते हैं, लेकिन विशेषकर संथाली टोला में अब तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई है। ग्रामीणों के अनुसार, पहले से एक टंकी होने के बावजूद दूसरी टंकी का निर्माण स्कूल के पीछे कराया गया। इसके लिए वासुदेव यादव ने अपनी जमीन भी दी, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। यह भी पढ़ें- सात साल बाद भी नहीं मिला पानी, पांडू में जलमीनार बना शोपीस वासुदेव यादव का कहना है कि टंकी भरने के बाद महज आधे घंटे में ही पानी खत्म हो जाता है, जिससे नियमित सप्लाई संभव नहीं हो पाती। ग्रामीणों का आर...
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